Tuesday, August 20, 2019

इमरान ख़ान ने तनाव के बीच जनरल बाजवा का कार्यकाल क्यों बढ़ाया

पाकिस्तान के वर्तमान सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा नवंबर में रिटायर होने वाले थे लेकिन सोमवार को प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के ऑफिस से इस बात की घोषणा की गई कि जनरल बाजवा और तीन साल के लिए सेना प्रमुख बने रहेंगे.

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने इस फ़ैसले पर कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में शांति प्रक्रिया और भारत के साथ कश्मीर पर बढ़े तनाव को लेकर यह ज़रूरी फ़ैसला है. क़ुरैशी ने इस फ़ैसले को पाकिस्तान की सुरक्षा से भी जोड़ा है.

पाकिस्तान के पास दुनिया की छठी सबसे बड़ी सेना है जिसका देश के परमाणु हथियारों पर भी नियंत्रण है.

पाकिस्तानी सेना ने पाकिस्तान बनने के बाद से कई तख़्तापलट किए हैं और अब तक क़रीब आधे समय तक देश पर उनका ही राज रहा है.

अभी पाकिस्तान में चुनी हुई सरकार है पर पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियां इमरान ख़ान को सिलेक्टेड पीएम कहती हैं.

क़मर बाजवा तीन साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद नवंबर में रिटायर होने वाले थे लेकिन तीन साल बढ़ाने को लोग विदेश नीति पर सैन्य वर्चस्व से जोड़कर देखते हैं.

इमरान ख़ान सरकार ने सोमवार को कार्यकाल बढ़ाने के दौरान कहा कि सैन्य प्रमुख ने घरेलू मामलों में भी अहम भूमिका निभाई है. उनके आलोचक कहते हैं- इसमें 'राजनीति' भी शामिल है.

इमरान ने कहा, "यह फ़ैसला क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल को देखते हुए लिया गया है."

जुलाई में जब इमरान ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से मुलाक़ात की तब बाजवा उनके साथ थे.

अमरीकी अधिकारियों और तालिबान का कहना है कि उन्होंने अमरीका और तालिबान के बीच महीनों तक चली वार्ता में ट्रंप प्रशासन का सहयोग किया.

तालिबान का नेतृत्व पाकिस्तान में स्थित है.

जब भारत ने जम्मू-कश्मीर को दी गई स्वायत्तता ख़त्म करने का फ़ैसला किया तब से पाकिस्तान के साथ रिश्तों में तल्खी बढ़ी है.

कश्मीर को लेकर 1947, 1965 और 1999 में दोनों देशों के बीच युद्ध हो चुके हैं.

फ़रवरी में, भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा में चरमपंथी हमला हुआ था, जिसमें सीआरपीएफ़ के 40 जवानों की मौत हुई थी.

भारत ने इसके लिए पाकिस्तान स्थित जिहादी समूह को ज़िम्मेदार बताया था. इसे लेकर दोनों देशों के बीच इसी साल फ़रवरी में सैन्य टकराव की स्थिति बन गई थी.

अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से समूचे राज्य में संचार सेवाएं बंद हैं और स्थानीय आबादी के सड़क पर आने की आशंका है. दोनों देशों के बीच एक और सैन्य टकराव की आशंका पैदा हो रही है.

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