Friday, December 21, 2018

नए साल पर रेलवे का तोहफा, ट्रेन में सफर के दौरान मिलेगी शॉपिंग की सुविधा

अक्सर लंबी दूरी के रेल सफर के दौरान लोगों को कुछ ऐसी घरेलू चीजों की जरूरत होती है जो चलती ट्रेन में मिलना मुश्किल होता है. लेकिन आपकी इस शिकायत को दूर करने के लिए भारतीय रेलवे ने एक खास प्‍लान बनाया है. इसके तहत आपको सफर के दौरान घर और रसोई के आइटम समेत अन्‍य जरूरी सामान मिल सकेंगे. इस खास सुविधा की शुरुआत नए साल में होने की संभावना है.

एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी के मुताबिक पहले चरण में इस सुविधा की शुरुआत दो ट्रेनों में होगी और इसके बाद हर चरण में दो-दो ट्रेनों को जोड़ा जाएगा. इसके लिए एक निजी फर्म को पांच साल का कॉन्‍ट्रैक्‍ट दिया गया है. इस फर्म के पास घरेलू सामान के अलावा ब्‍यूटी प्रोडक्‍ट समेत अन्य आइटम्‍स बेचने का लाइसेंस होगा. हालांकि, फर्म को ट्रेनों में कोई खाद्य सामग्री, सिगरेट, गुटखा या शराब बेचने की अनुमति नहीं होगी.

यह फर्म पश्चिम रेलवे के मुंबई डिविजन के 16 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में अपने प्रोडक्‍ट्स बेच सकेगी. अधिकारी ने बताया कि इन आइटम्‍स को सुबह आठ बजे से रात नौ बजे तक ही बेचा जा सकेगा और वर्दी में दो कर्मचारियों को यह जिम्मेदारी रहेगी. अहम बात ये है कि वो यात्री भी सफर के दौरान सामान खरीद सकेंगे जिनके पास कैश उपलब्‍ध नहीं होगा. दरअसल, ऐसे यात्रियों के लिए डेबिट और क्रेडिट कार्ड से सामान खरीदने की सुविधा दी जाएगी.

बता दें कि सफर के दौरान रेलवे की पेंट्री कार में यात्रियों के लिए खाना, पानी और चाय की सुविधाएं मिलती हैं.  हालांकि खाने की क्‍वॉलिटी की अक्सर शिकायतें भी मिलती रहती हैं.  ताजा आंकड़ों के मुताबिक इस साल अक्‍टूबर, 2018 तक रेलवे को 7,500  से अधिक लोगों ने खराब खाने की शिकायत की है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार अरमान को एक्साइज पुलिस द्वारा हिरासत में ले लिया गया है. कानून के मुताबिक देश का कोई भी शख्स महीने भर के लिए शराब की केवल 12 बोतलें ही अपने पास रख सकता है. साथ ही किसी को भी एक वक्त पर विदेश से शराब की सिर्फ दो बोतलें ही साथ में लाने की अनुमती है. बता दें कि एक्साइज डिपार्टमेंट, गहनता से मामले की छानबीन कर रहा है. अगर उनपर आरोप साबित होते हैं तो उन्हें 3 साल की जेल भी हो सकती है.

साल 2018 अरमान कोहली के लिए विवादों से भरा रहा है. कुछ ही महीने पहले ही उन पर अपनी गर्लफ्रैंड के साथ मारपीट का आरोप भी सामने आया था. जिसके बाद अरमान पर FIR दर्ज हुई थी. अरमान कई दिनों तक फरार रहे ते जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. नीरू ने बाद में अपनी शिकायत वापस ले ली थी. पर उन्होंने अरमान कोहली से ब्रेकअप भी कर लिया था.

ब्रेकअप के बाद नीरू रंधावा ने सबसे पहले उनके नाम का टैटू हटवाया. उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीर भी साझा की थी. बता दें, अरमान की गिरफ्तारी के 20 घंटे के अंदर ही नीरू ने अपनी शिकायत वापस ले ली थी. इसके अलावा अरमान पर बदतमीजी के और भी आरोप सामने आते रहे हैं. अरमान के ड्राइवर ने उनपर खुलासा किया था. बिगबॉस 7 में तनीशा मुखर्जी ने उन्हें थप्पड़ मारा था. इसका बदला लेने के लिए अरमान, तनीशा की कजिन सिस्टर रानी मुखर्जी के घर के बाहर टॉयलेट करते थे.

Friday, December 7, 2018

सलमान ने किया श्रीसंत का सपोर्ट, रोहित को लगाई फटकार

बिग बॉस में इस हफ्ते से शुक्रवार को सलमान खान दर्शकों से रुबरु होंगे. यानि वीकेंड का वार एपिसोड अब शुक्रवार से ही दिखाया जाएगा. शो का नया प्रोमो सामने आया है. जिसमें सलमान खान ने रोहित सुचांती की क्लास लगाई और श्रीसंत को सपोर्ट किया.

रोहित सुचांती को घर के सबसे बदतमीज कंटेस्टेंट का टैग मिला है. अक्सर वे श्रीसंत, दीपिका कक्कड़, मेघा धाडे़ और जसलीन को चिढ़ाते और उकसाते हुए नजर आते हैं. एक्टर के इसी बिहेवियर पर सलमान खान का गुस्सा फूटा है.

कलर्स पर जारी किए गए प्रोमो में सलमान, रोहित को डांटते हुए नजर आते हैं. श्रीसंत को उकसाना रोहित पर भारी पड़ता दिखाई दिया. सलमान ने रोहित को हद में रहने की सलाह दी.

सलमान खान कहते हैं, ''रोहित क्या तुम्हारे पास और दूसरा कोई टैलेंट नहीं है? सिर्फ उकसाना ही टैलेंट है आपका? क्या आपको पता है कि आपने श्रीसंत को क्या-क्या कहा है? मैं भी उन्हीं चीजों से गुजरा हूं. इन सब चीजों से बाहर निकलने के लिए बहुत सारी हिम्मत लगती है. ये छोटे आदमी की पहचान है. आपके पास किसी को नीचा दिखाने का कोई अधिकार नहीं है.''

सलमान खान को अपना सपोर्ट लेते हुए देखकर श्रीसंत भावुक हो जाते हैं. वे रोने लगते हैं और सलमान खान को शुक्रिया अदा करते हैं. प्रोमो देखकर अंदाजा लगता है कि शुक्रवार का एपिसोड धमाकेदार होने वाला है.

दूसरी तरफ, शुक्रवार को बिग बॉस कैप्टन होने के नाते सुरभि को अधिकार देंगे कि वे किन्हीं 3 सदस्यों को कालकोठरी के पात्रों के रुप में चुनें. सुरभि अपना फैसला सुनाते हुए श्रीसंत का नाम देती हैं. इसके बाद श्रीसंत गुस्सा हो जाते हैं और वॉशरूम में खुद को बंद कर लेते हैं. 

अयोध्या में राम मंदिर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हनुमान को दलित बताए जाने के मुद्दे को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच वार-पलटवार का दौर जारी है. इसी क्रम में गुरुवार को पटना में कांग्रेस की तरफ से ऐसे कई पोस्टर चौक-चौराहे पर लगाए गए जहां इन दोनों मुद्दों को लेकर बीजेपी पर करारा हमला बोला गया है.

पोस्टर में दिखाया गया है कि हनुमान भगवान राम से लिपटे हुए हैं और वह फफक-फफक कर रो रहे हैं. पोस्टर में दिखाया गया है कि हनुमान भगवान राम से कह रहे हैं कि प्रभु चुनाव के दौरान भाजपा आपके मंदिर के नाम पर धोखा देती रही है. अब हमें अपने वोट के लिए जाति में बांध रहे हैं. देखिए पूरी रिपोर्ट.

Tuesday, December 4, 2018

राजस्थान में मोदी का वार- हरी और लाल मिर्च में अंतर नहीं जानते नामदार

राजस्थान और तेलंगाना विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए आखिरी 48 घंटे बचे हैं. ऐसे में सभी राजनीतिक दल अपनी पूरी ताकत झों रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजस्थान में तीन रैलियों को संबोधित करेंगे. इसके अलावा पीएम मोदी राजधानी जयपुर में रोड शो भी कर सकते हैं. प्रधानमंत्री ने सबसे पहले राजस्थान के हनुमानगढ़ में रैली को संबोधित किया.

रैली में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज नौसेना दिवस है, हम उन्हें बधाई देते हैं. इसी धरती के बेटे एडमिरल विजय सिंह शेखावत, एडमिरल माधवेंद्र सिंह ने देश की सेवा की. नौ सेना की 6 बेटियों मेक इन इंडिया की नाव में पूरे विश्व का चक्कर लगाने निकल पड़ीं.

कांग्रेस की वजह से गया करतारपुर

उन्होंने कहा कि सत्ता के मोह में संतुलन भी खो जाए, राजगद्दी जल्द से जल्द मिल जाए इसके लिए कई गलतियां हुई हैं. जब देश आजाद हुआ तो राजगद्दी पर बैठने की जल्दबाजी में कुछ ध्यान नहीं दिया गया. 1947 में संप्रदाय के नाम पर विभाजन हुआ, मुसलमानों को इस्लाम के नाम पर देश चाहिए था. इनमें भी सबसे बड़ी गलती कांग्रेसियों ने की थी, यही कारण रहा कि गुरु नानक देव की कर्मभूमि करतारपुर साहिब पाकिस्तान में चला गया.

'कांग्रेस की गलती ठीक करना मेरे नसीब में'

प्रधानमंत्री ने कहा कि उस समय के नेताओं में थोड़ी समझदारी होती, तो सिर्फ 3 KM. दूरी पर स्थित करतारपुर हमसे दूर ना होता. कांग्रेस की अगुवाई में कई लड़ाईयां हुईं, लाहौर पर झंडा फहराने की बात हुई लेकिन करतारपुर साहिब में मत्था टेकने का प्रबंध नहीं हुआ. हमारी सरकार ने करतारपुर कॉरिडोर बनाने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हर गलती को ठीक करना मेरे नसीब में लिखा है, मेरा नसीब 125 करोड़ भारतीयों ने बनाया.

सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान को दिया जवाब

पीएम मोदी बोले कि पाकिस्तान वाले रोज तू-तू मैं-मैं करते रहते हैं, चोरी छुपे आकर हमारे जवानों को मार देते थे. पाकिस्तान को 70 साल से ऐसी ही आदत थी, मारो और भाग जाओ. लेकिन हमारी सरकार आई तो हमने सर्जिकल स्ट्राइक करके दिखा दिया कि कैसे जवाब दिया जाता है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस वाले झूठ बोलकर किसानों को बहकार रहे हैं, अगर नामदार को कोई कह दे कि हरी मिर्च का कम और लाल मिर्च का ज्यादा मिलता है तो वह किसान से लाल मिर्च की खेती करने को कहेगा. नामदार को हरी मिर्च-लाल मिर्च का ज्ञान नहीं है. अगर सरदार पटेल देश के पहले प्रधानमंत्री होते तो देश के किसानों की ये दशा नहीं होती.

प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनाव आने पर किसान कर्ज माफ करने की बात करते हैं, इन्होंने 2009 में भी ऐसा वादा कर वोट मांगा था. 2009 में किसानों का कर्ज 6 लाख करोड़ था, लेकिन कांग्रेस वालों ने सिर्फ 58,000 करोड़ रुपये ही माफ किया. उनमें से अधिकतम लोग ऐसे हैं, जिनका किसानी से कोई लेना-देना नहीं है. पहले कुछ लोग मान रहे थे कि कांग्रेस की जीत निश्चित है, लेकिन दोबारा अब वही कह रहे हैं कि कांग्रेस जीती हुई बाजी हार रही है. कांग्रेस को एक भी सीट मत जीतने दीजिए.

इसके अलावा पीएम आज जयपुर और सीकर में आम सभा को संबोधित करेंगे. गौरतलब है कि सोमवार को भी पीएम मोदी ने जोधपुर में चुनावी सभा को संबोधित किया था, इस रैली में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला था.

Monday, December 3, 2018

धमकी के बाद प्रदर्शनकारी बातचीत से हटे

फ़्रांस में तेल पर टैक्स बढ़ाने को लेकर विरोध करनेवाले प्रदर्शनकारियों ने इस बारे में प्रधानमंत्री के साथ मंगलवार को होनेवाली बातचीत से हाथ खींच लिया है.

'येलो वेस्ट' या पीली कुर्ती नाम के इस समूह के कुछ सदस्यों का कहना है कि उन्हें दूसरे कट्टर प्रदर्शनकारियों ने जाने से मारने की धमकी देते हुए सरकार के साथ बातचीत से दूर रहने के लिए कहा था.

पेट्रोल-डीज़ल पर एक विवादास्पद टैक्स को लेकर फ़्रांस में नवंबर से देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं.

पर पिछले कुछ दिनों से इस विरोध ने काफ़ी आक्रामक रूप ले लिया है जिसमें अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है और काफ़ी तोड़-फोड़ हुई है.

फ़्रांस के गृहमंत्री का कहना है कि बीते रविवार को हुए इन प्रदर्शनों में करीब एक लाख 36 हज़ार लोगों ने भाग लिया.

इस आंदोलन को सोशल मीडिया पर काफ़ी हवा मिली, जिसके बाद राष्ट्रपति मैक्रों की आर्थिक नीतियों की आलोचना बढ़ती गई और विरोध प्रदर्शन की धार तेज़ होती गई.

फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पेरिस में हुए प्रदर्शनों को अनुचित बताया है. और उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है.

फ़्रांस के वित्त मंत्री ब्रुनो ले मायर ने पिछले हफ्ते बिजनेस में होने वाले नुकसान की जानकारी के लिए बिजनेस प्रतिनिधियों से बात की. मायर का कहना है कि सरकार सार्वजनिक ख़र्चों में कटौती के लिए प्रतिबद्ध है.

विरोध रोकने के संकेत
विरोध प्रदर्शन सोमवार को भी देखे गए. लगभग 50 प्रदर्शकारियों ने मार्से शहर के पास एक बंदरगाह के प्रमुख ईंधन डिपो को ब्लॉक कर दिया था जिसके वजह से देश के अन्य पेट्रोल पंप पर इसका असर दिखा.

देश भर में लगभग 100 माध्यमिक विद्यालयों के छात्रों ने शैक्षणिक और परीक्षा में होने वाले रिफॉर्म के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया.

साथ ही सोमवार को प्राइवेट एंबुलेंस के ड्राइवर ने सोशल सिक्योरिटी और हेल्थकेयर में सुधार की एक श्रृंखला के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किए, जिनका कहना था कि इसकी वजह से उनकी सेवा प्रभावित हो सकती है.

फ़्रांस में पेट्रोल-डीज़ल पर लगने वाले टैक्स में हुई बढ़ोत्तरी से आम लोगों में काफी नाराज़गी है. जिसके चलते लोग सड़कों पर उतर आए हैं.

फ़्रांस में डीज़ल कारों में इस्तेमाल होने वाला सबसे प्रमुख ईंधन है. पिछले 12 महीनों में डीज़ल की क़ीमत में 23 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई है. मैक्रों सरकार ने इस साल प्रति लीटर डीज़ल पर 7.6 फ़ीसदी हाइड्रोकार्बन टैक्स लगा दिया था.